मेरा—तेरा किसके हिस्से का कितना सावन ?

विमलेन्दु सिंह : जब मंद शीतल पवन चलने लगे...आसमान में बादल घुमड़ने लगे...बादलों से बरसती बूंदें आपके तन—मन को भिगोने लगे... दादुर की किलोर...कोयल की कूक और पपीहे की पीहू—पीहू के साथ ही मोर पंख उठाकर नाच उठे,...
माहवारी , Periods, Action Media, Bihar Dialogue, Nav Astitva foundation

वूमन इश्‍यू नहीं हयूमन इश्‍यू है माहवारी, इसपर चुप्पी तोड़ने की जरूरत

माहवारी के डिबेट को फैशनेबल बनाना चाहती हैं ब्रांडेड नैपकीन कंपिनयां - अंशु गुप्ता -         ­­वूमन इश्‍यू नहीं हयूमन इश्‍यू है माहवारी, इसपर चुप्पी तोड़ने की जरूरत -          एक्‍शन मीडिया और नव अस्तित्व फाउं...