बावला मन

उड़ने दो उसे पंख फैला के | एक कविता बिहार से

अभिषेक पाण्डेय, पेशे से इंजीनियर हैं| पटना के मूल निवासी हैं और फ़िलहाल नौकरी के सिलसिले में कलकत्ता में हैं| इनका युवा मन अक्सर तन्हाई में अपने आप से बातें करता है और जब बातें पन्ने पर उतरने को आतुर हो जाती ह...
जस्टिस काटजू , Justice Markandey Katju, Bihar, Bihari

चच्चा काटजू को सप्रेम चिट्टी

Photo by Jaipal Singh प्रिय काटजू चच्चा ओह! देखिये न, ये मैं आपको क्या कह गयी, ‘प्रिय’ और ‘चच्चा’| यूँ तो आप पर दोनों ही जंच नहीं रहा है| जो जंच रहा है वो बस आपका नाम ही है, ‘काटजू’| आप सच में काट ही जाते ...
मुझे मेरी यादों ने सींचा है

मुझे मेरी यादों ने सींचा है | एक कविता बिहार से

राजू महतो जी दिल्ली में एक मोशन ग्राफ़िक डिज़ाइनर हैं| बिहार के नवादा में घर है और घर से दूर रहते हुए अक्सर घर और आस-पास के माहौल को याद करते हैं| छोटी-छोटी बातें जब दिल को छूने लगती हैं तो इंसान कलमकार हो ही जात...
रामधारी सिंह दिनकर

कविता भक्ति की लिखूँ या श्रृंगार की | एक कविता बिहार से

भारत के राष्ट्रकवि होने का दर्ज़ा जिन्हें प्राप्त है, अर्थात् श्री रामधारी सिंह दिनकर जी का जन्मदिन 23 सितम्बर को है| 1908 ई० में जन्में श्री दिनकर को याद करते हुए पटनाबीट्स की एक कविता बिहार से में आज शामिल हो ...
चंदू , चंद्रशेखर, Chandu, Chandrashkekhar JNu

चंद्रशेखर तुम होते तो हम साथ-साथ उम्र जी लेते | एक कविता बिहार से

डर लगता है जब कोई दिवार लांघने की कोशिश करता है| डर लगता है जब कोई सच कहने की कोशिश करता है| डर लगता है जब किसी के विचार एक बाहुबली से टकराते हैं| डर लगता है जब कोई चंदू बनने की राह पर होता है| कन्हैया और रोहित...
दुनिया ऐसी हुआ करती थी , एक कविता बिहार से

दुनिया ऐसी हुआ करती थी | एक कविता बिहार से

“ओ माँ! ये दुनिया तेरे आँचल से छोटी है|”   ये पंक्तियाँ हैं नीलोत्पल मृणाल जी की, जिनकी पहचान एक उपन्यासकार के रूप में स्थापित हो रही है| अप्रेल 2015 में प्रकाशित इनकी पहली ही पुस्तक ‘डार्क हॉर्स’ के...
हिंदी दिवस

A Must Watch Video | Midnight Encounter With Her

‘एंग्री गोरिल्ला प्रोडक्शन’ ने ‘जीरो बजट’ नामक यूट्यूब चैनल के लिए यह वीडियो बनाया है| यह कंपनी सामाजिक मुद्दों से लेकर प्रैंक तक, विभिन्न विषयों पर वीडियो बनाती है| इस कंपनी के अंतर्गत ‘प्रैंकबाज’ और ‘जीरो बजट...
बचपन , एक कविता बिहार से

बचपन के दिन भले थे कितने | एक कविता बिहार से

रविन्द्र प्रसाद जी ने पटनाबीट्स से अपनी एक कविता साझा की है| कविता का शीर्षक हम सबको प्रिय है| इंसान कितना भी आगे निकल जाये एक जो चीज़ हमेशा उसे अपनी ओर खींचती है वो है ‘बचपन’| ये शायद ऐसी उम्र है जो जीवन भर साथ...
खुश हूँ ज़मीन से पूरा उखाड़ कर उसको | एक कविता बिहार से

खुश हूँ ज़मीन से पूरा उखाड़ कर उसको | एक कविता बिहार से

नितेश वर्मा जी वैसे तो सिविल इंजिनियर हैं, लेकिन लेखनी में अपनी जगह पुख्ता करने की भरपूर कोशिश में लगे हैं| साहित्यिक पत्रिकाओं में छपते रहे हैं और एक त्रैमासिक पत्रिका के सह-संपादक भी हैं| मूलतः बिहार के बेतिय...

हमसे हमारा नाम ले हमको तुम्हारा नाम दे दो | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स पर  एक कविता बिहार से  में आज की कविता आई है पाठकों के बीच से| अनुराग कश्यप ठाकुर जी सीतामढ़ी जिले के रीगा गाँव से हैं| इंजीनियरिंग कर चुके हैं और अब घर से दूर दिल्ली में बसेरा है| कवितायें लिखने के शौ...
भोजपुरी कहावतें

जरूर पढ़िए भोजपुरी की एक सौ एक लोकप्रिय कहावतें

कहावतें, लोकोक्तियाँ, मुहावरे; ऐसी बातें जो वर्षों के अनुभव के आधार पर हमारे बुजुर्गों ने सीख के तौर पर कहनी शुरू कीं| मौसम, जानवर, प्रकृति या इंसानी प्रवृति के गहन अध्ययन से निकली ये बातें निश्चित तौर पर सच ...
झारखण्ड की एक लड़की

झारखण्ड की एक लड़की | एक कविता बिहार से

इन्हें दूरदर्शन पर एंकरिंग करते हुए देखा करते हैं| 13 वर्षों तक लगातार दिल्ली से गणतंत्र दिवस परेड का आँखों देखा हाल सुनाने का गौरव हासिल कर चुकी हैं| ये लेखिका हैं और कवयित्री भी| कवि...
आफताब अहमद, एक कविता बिहार से

धूप में नहा कभी | एक कविता बिहार से

आफताब अहमद जी बिहार के गया जिले के निवासी हैं| लघु-कथाएं और ग़ज़लें तो लिखते ही हैं, उपन्यास भी लिख चुके हैं| शिक्षक हैं और अपनी हालिया प्रकाशित इंग्लिश उपन्यास ‘A book in her hand’ के जरिये लड़कियों की शिक्षा प...
इन सड़कों पे

इन सड़कों पे | एक कविता बिहार से

पटनाबीट्स पर "एक कविता बिहार से" में आज एंट्री ले रहे हैं निदेशक श्री नितिन चंद्रा जी। 'मिथिला मखान' बनाकर राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं। 'देसवा' बनाकर साबित किया था इन्होंने कि भोजपुरी 'अश्लीलता' से कितनी दूर...
हाइकु, ऋतु पल्लवी के 15 हाइकु | एक कविता बिहार से

ऋतु पल्लवी के 15 हाइकु | एक कविता बिहार से

हाइकु! काव्य की एक अलग विधा| हो सकता है आप इसके बारे में जानते हों, हो सकता है बिल्कुल न जानते हों| अगर न जानते हों तो हाइकु से एक छोटा-सा परिचय आपको यहाँ हाइकु पढ़ने के बाद मिलेगा| लेकिन कौन है आज ‘एक कविता बि...