बिहार के अश्विनी झा मानवता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति के हाथो सम्मानित होंगे |

स्काउट गाइड ऑर्गनाइजेशन दिल्ली की ओर से मानव सेवा के लिए सुंदरनगर स्थित 106 रैफ के सेकेंड इन कमांडेंट अश्विनी झा को सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली में 22 फरवरी को वर्ल्ड स्काउट डे के अवसर पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा अश्विनी झा को मानवता की सेवा में विशिष्ट योगदान के लिए लॉर्ड बेडेन पावेल नेशनल अवार्ड -2016 से सम्मानित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में पदस्थापना के दौरान अश्विनी झा ने लोगों की काफी मदद की थी। अश्विनी झा ने PatnaBeats से इंटरव्यू के दौरान बताया कि इनकी मुख्य लड़ाई नक्सली से थी लेकिन इन्होंने छत्तीसगढ़ के नक्शल अटैक में लोगों की जान बचाकर मानवता सेवा भी की।

22 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में अश्विनी झा के अलावा खेल के लिए पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली, कैंसर रिसर्च हॉस्पिटल खोलने के लिए युवराज सिंह, साहित्य के लिए जावेद अख्तर, संगीत के क्षेत्र में अलका याग्निक, पत्रकारिता में जगदीश चंद्रा, एक्टिंग में आयुष्मान खुराना, कॉमेडी में सुगंधा मिश्रा, शिक्षा के क्षेत्र में बिहार के डॉ कुमार अरुणोदय व बंगला फिल्म के लिए दीपक अधिकारी समेत कई हस्तियों को सम्मानित किया जायेगा।

21 फरवरी को हरियाणा डी.पी.एस में और 23 फरवरी को सिविल सर्विस ऑफिस, दिल्ली में भी अश्विनी झा को सम्मानित किया जायेगा।

अश्विनी झा बिहार के दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड के सझुआर गांव के रहनेवाले हैं। अभी अश्विनी झा जमशेदपुर में रैपिड एक्शन फ़ोर्स 106 बटालियन के सेकेंड इन कमांडर पद पर तैनात है। पिता जी के आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से इनका बचपन कष्टमय रहा लेकिन पढ़ाई में छात्रवृत्ति ने साथ दिया। अश्विनी झा छात्र जीवन के परीक्षाओं में टॉप स्थान पर रहते थे। इनकी प्रारम्भिक क्षिक्षा डी.पी.एस. कोलकाता में हुई। इसके बाद इन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई आर.के. मिशन विद्यापीठ, पुरुलिया और स्नातक की राजाबाजार साइंस कॉलेज, कोलकाता में पूरी की।

अश्विनी झा ने PatnaBeats से इंटरव्यू के दौरान बताया कि उनके हर कार्यो में उनके माता-पिता और पत्नी का हमेशा सहयोग रहता है। अश्विनी झा की पत्नी रितु झा गरीब लोगों की सेवा में आगे रहती है। रितु झा जमशेदपुर में ही आकाशवाणी की एंकर है। इससे पहले रितु झा नई दिल्ली आकाशवाणी और छत्तीसगढ़ में दूरदर्शन के एंकर रह चुकी है। रितु झा लेखिका भी है, 23 फरवरी को दिल्ली में उनकी एक पुस्तक ‘तरंग’ की विमोचन भी होगा। अश्विनी झा ने बताया कि पुरुस्कार का श्रेय अपने डिपार्टमेंट, माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी, पुत्री इशिता झा और दोस्तों को देते हैं।

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