अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को सुनिए ये भोजपुरी गाना

आज अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जा रहा है। 2000 से हर साल की 21 फरवरी को विश्वव्यापी तौर पर मनाया जाने वाला ये दिवस हर भाषा के महत्त्व और  बहुसंस्कृतिवाद के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिवस के मनाये जाने का प्रमुख कारण दुनिया भर की अलग अलग मातृभाषाओं को संरक्षण और बढ़ावा देना है।
21 फरवरी को मनाये जाने के पीछे की वजह यह है कि सन 1952 में इसी तारीख को बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) में मातृभाषा यानि कि बांग्ला को भाषायी फासीवाद से बचाने के लिए बड़े स्तर विद्रोह और हड़ताल की शुरुआत हुई थी। 2000 से ही इस दिन की महत्ता को मद्देनज़र रखते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाया जाने लगा और सन 2008 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा औपचारिक तौर से इसे  स्वीकृति मिली। तब से हर वर्ष मातृभाषा दिवस को अलग अलग विषयों पर केंद्रित कार्यक्रमों एवं कैम्पेन आयोजित कर मनाया जाने लगा।

इस साल यानि 2018 की विषय-वस्तु  है “हमारी भाषा – हमारी संपत्ति“। एक बिहारी होने के नाते हम लोग काफी खुशकिस्मत हैं कि हमें विरासत में ही एक नहीं बल्कि पांच भाषाओँ की सम्पदा मिली है। भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और बज्जिका हमारे प्रदेश की पांच महत्वपूर्ण मातृभाषाएं हैं। भाषाओँ के मामले में बिहार बहुसंस्कृतिवाद का एक अनुपम उदाहरण है जहाँ इतनी भाषाएँ रहते हुए भी हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी जैसी आधुनिक भाषाओँ को भी स्वीकृति मिली। परन्तु ये हमारी अपने विरासत के प्रति अनदेखी है कि हमारी अपनी मातृभाषाएं आज हाशिये पे खड़ी है। इसके अलावा रही सही कसर भोजपुरी में फूहड़ और अश्लील गीतों और फिल्मों ने पूरी कर दी।

इस प्रकार की अश्लीलता और अनदेखी के ख़िलाफ़ छिड़ी मुहीम का एक हिस्सा हैं नितिन चंद्रा जिन्होंने बिहार की भाषाओँ में कई गानें, शार्ट फिल्म और फीचर फिल्म भी बनाई जिसमें इन भाषाओँ का गरिमापूर्ण इस्तेमाल हुआ है। इसी कड़ी में ये अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर एक भोजपुरी गाना “आलू बेचा” ले कर आये हैं। ये गाना दरअसल बांग्ला भाषा के क्रांतिकारी कवि प्रतुल मुखोपाध्याय के गीत “आलू बेचो-छोला बेचो” का भोजपुरी संस्करण है। इस गाने की खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए देश विदेश में बसे बिहारियों के सहयोग से बनाया गया है। ये गाना हमें अपनी भाषा के महत्व को समझने में मदद करेगा ऐसी आशा के साथ आप इसे देखिये

 

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Quote of the day:"Language is the road map of a culture. It tells you where its people come from and where they are going."Rita Mae Brown

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