भोजपुरी शार्ट फ़िल्म 'दान', Bhojpuri short film, PatnaBeats

बालिका शिक्षा और रक्तदान का संदेश फैलाती भोजपुरी शार्ट फ़िल्म ‘दान’

अक्सर ऐसा होता है कि ज़िन्दगी में कुछ ऐसे छोटे छोटे अनुभव होते हैं जो आपको अंदर तक छू जाते हैं। इन अनुभवों का प्रभाव ऐसा होता है कि आप और आपकी सोच मूल रूप से हमेशा के लिए बदल जाती है। एक ऐसा ही अनुभव है राजू उपा...
अनारकली ऑफ़ आरा

Anaarkali of Aarah: नारी शक्ति का तांडव | एक फिल्म समीक्षा

"अनारकली ऑफ़ आरा", इस फिल्म का इंतज़ार तब से ही था जब से इसका नाम पहली बार सुना था और इस लंबे इंतज़ार के बाद इस फिल्म को देख कर वैसी ही संतुष्टि हुई जैसी कि गर्मी से अकुलाई धरती पहली बारिश के बाद महसूस करती होगी। ...
Bodhisattva International Film Festival, BIFF

बोधिसत्त्व इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल से लौटेगा बिहार का सांस्कृतिक गौरव

लोकरूचि-फेस्टिबल सांस्कृतिक गौरव फेस्टिबल से लौटेगा बिहार का सांस्कृतिक गौरव :गंगा कुमार   पटना 15 फरवरी 2017 : बोधिसत्त्व इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल (बीआईएफएफ) 2017 के चेयरमैन गंगा कुमार का कहना है कि बिहार की पावन धरती पर फिल्म महोत्सव के आयोजन किय...
महेंदर मिसिर, Chandan Tiwari, Pubaiya taan

पुरबी के जनक कवि महेंदर मिसिर के गीतों को गाते हुए

आज महेंदर मिसिर की पुण्यतिथि है. किसी रचनाकार, कलाकार, सर्जक को याद करने के लिए उसके जयंती से ज्यादा महत्वपूर्ण  पुण्यतिथि है,क्योंकि जिस दिन वह दुनिया से विदा होता है तो अपने दम पर एक थांति छोड़ जाता है| जन्म—जन्मांतर तक बनी रहती है वह थांति. पुरबी इलाके ...

बिहार में कलेक्‍टर ने जलसंकट रोकने के लिए लगा दी जी जान, ऐसे रचा नया इतिहास, देश भर में कायम हुई मिसाल

-हिमांशु झा आज देश के लिए पानी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। चारों तरफ इस पर राजनीति हो रही है, तो वहीं दिल्ली से हजारो किलोमीटर दूर बिहार के सीतामढ़ी जिले में जल संरक्षण को लेकर एक अनूठी पहल की गई है। महाराष्...
खुदाबक़्श खान

किताबों का आशिक मौलवी खुदाबक़्श खान |

दुनिया के दूसरे सबसे बड़े ग्रंथालय खुदा बख्श ओरियंटल पब्लिक लाइब्रेरी के संस्थापक खुदाबक़्श खान की जयंती पर जानिये इस लाइब्रेरी के महत्व की कहानी. खुदाबक़्श ओरियेन्टल लाइब्रेरी भारत के सबसे प्राचीन पुस्तकालयों में से एक है जो बिहार प्रान्त के पटना शहर में स्थ...
Rich result on सहजानंद सरस्वती

सहजानंद सरस्वती, किसान आंदोलन के महानायक

स्वामी सहजानंद सरस्वती स्वामी सहजानंद सरस्वती, ये वो नाम हैं जिनके आगमन से किसानों की मुसीबतों पर ढाल की तरह खड़े थे हुआ था। इनका जन्म 22 फरवरी 1889 गाज़ीपुर में हुआ था। ये एक राष्ट्रवादी नेता और स्वतंत्रता सेनानी भी थे। अगर हम बात अंग्रेजों के खिलाफ आवा...

1758 से चला आ रहा है भारत का गौरवशाली रेजिमेंट – बिहार रेजिमेंट

हवलदार सुनील कुमार, सिपाही कुंदन कुमार ओझा, सिपाही चंदन कुमार, सिपाही अमन कुमार, सिपाही जय किशोर सिंह और सिपाही कुंदन कुमार ये यूंही कोई मामुली नाम नहीं है। ये सब वो शहीद हैं जिनके ऋण से इस देश की मिट्टी और भी ...